मेरठ का चर्चित नीला ड्रम कांड: पत्नी मुस्कान और प्रेमी साहिल को फांसी
मेरठ में रूह कंपा देने वाले ड्रम हत्याकांड में अदालत का ऐतिहासिक फैसला
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले को झकझोर कर रख देने वाले बहुचर्चित 'नीला ड्रम केस' में अदालत ने बुधवार को अपना ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुना दिया है। न्यायालय ने पति सौरभ राजपूत की निर्मम हत्या के मामले में उसकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड (फांसी की सजा) की सजा सुनाई है। इस खौफनाक अपराध ने न केवल मेरठ बल्कि पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया था।
पति को रास्ते से हटाने के लिए रची गई थी खौफनाक साजिश
खोजी दस्तावेजों और पुलिस तफ्तीश के मुताबिक, आरोपी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था। दोनों ने मिलकर अपने ही पति सौरभ राजपूत को मौत के घाट उतार दिया था। कानून की गिरफ्त से बचने और साक्ष्य मिटाने के लिए शातिर हत्यारों ने सौरभ के शव को एक नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम के अंदर छुपा दिया था। हमारी खोजी टीम द्वारा जुटाई गई जानकारी के अनुसार, इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री से पर्दा उठाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।
फैसला सुनते ही रो पड़ी मुस्कान, जेल में जन्मी बच्ची की लगाई गुहार
अदालत द्वारा फांसी की सजा का ऐलान किए जाने के बाद मुजरिम मुस्कान पूरी तरह टूट गई। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, फैसला सुनने के बाद मुस्कान ने हाथ जोड़कर जेल अधिकारियों से अपील की कि वह सलाखों के पीछे अपनी नवजात बच्ची का विशेष ख्याल रखें। हालांकि, इस भावनात्मक अपील का जघन्य अपराध की गंभीरता पर कोई असर नहीं पड़ा और अदालत ने न्याय का कड़ा संदेश देते हुए दोनों को फांसी के फंदे पर लटकाने काफरमान जारी किया।
न्यायपालिका की मुहर और समाज के लिए एक कड़ा संदेश
ट्रेंड्स न्यूज इन के डिजिटल डेस्क की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में अभियोजन पक्ष ने पुख्ता सबूत और गवाह पेश किए, जिसके आधार पर अदालत ने इसे 'रेयर ऑफ द रेरेस्ट' यानी दुर्लभ से दुर्लभतम अपराध की श्रेणी में माना। समाज में इस तरह की आपराधिक प्रवृत्ति पर लगाम लगाने के लिए यह फैसला एक मील का पत्थर साबित होगा। पुलिस और न्यायपालिका की इस त्वरित कार्रवाई ने पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद दिलाई है।
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