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गाजियाबाद महापंचायत से पहले किसान नेता नरेश पाल सिंह मवाना में हाउस अरेस्ट

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गाजियाबाद महापंचायत से पहले किसान नेता नरेश पाल सिंह मवाना में हाउस अरेस्ट

गाजियाबाद महापंचायत से पहले बड़ी कार्रवाई

मवाना: भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह को स्थानीय पुलिस ने उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब वे गाजियाबाद में आयोजित होने वाली किसानों की एक विशाल महापंचायत में भाग लेने के लिए रवाना होने वाले थे। पुलिस के इस कदम से किसान संगठनों में भारी रोष व्याप्त है और इसे प्रशासन की दमनकारी नीति बताया जा रहा है।

प्रमुख मांगें और किसानों का आक्रोश

नजरबंद किए जाने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी नरेश पाल सिंह ने अन्नदाताओं की विभिन्न समस्याओं और मांगों को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने मांग की कि गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 600 रुपये प्रति कुंतल किया जाए। इसके साथ ही 14 दिन के भीतर गन्ने के भुगतान और समिति पर बकाया ब्याज का भुगतान कोर्ट के निर्देशों के अनुसार तुरंत कराए जाने की मांग उठी। किसानों ने कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत सब्सिडी, ट्रैक्टरों की 15 साल की समय सीमा की बाध्यता समाप्त करने, मुफ्त बिजली और संपूर्ण कर्ज माफी की वकालत की।

अन्य बड़ी मांगें और प्रशासनिक रवैया

किसान नेता ने मांग की कि किसान सम्मान निधि को पांच गुना बढ़ाया जाए, जंगली जानवरों और सांप के काटने से किसानों की मौत पर तत्काल मुआवजा मिले, तथा कृषि मजदूरों को भी किसानों की भांति सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाए। इसके अतिरिक्त, 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर किसानों को पेंशन, उनके बच्चों की शिक्षा में 50 प्रतिशत की छूट, तहसीलों में किसानों का शोषण बंद होने, गाजियाबाद में अधिग्रहित भूमि का ब्याज सहित मुआवजा देने, चकबंदी प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने और 10 लाख रुपये तक का आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार छीने जाने का आरोप

चौधरी नरेश पाल सिंह ने मवाना थाना पुलिस से स्पष्ट कहा था कि वे अपने साथियों के साथ पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से महापंचायत में शामिल होने जा रहे हैं, लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया। उन्होंने इसे पुलिस की तानाशाही और हठधर्मिता करार दिया है। इस दौरान उनके आवास पर पूर्व प्रधानाचार्य रामपाल सिंह तोमर, बृजपाल सिंह, राजकुमार, डॉ. आर.पी. सिंह, मयंक चौधरी, कमलेश चौधरी, परमजीत सिंह, इसरार अहमद और शहजाद अहमद समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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