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हापुड़ पत्रकार हत्याकांड: 12 दिन बाद भी फरार आरोपी गिरफ्त से बाहर, पुलिस का...

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हापुड़ पत्रकार हत्याकांड: 12 दिन बाद भी फरार आरोपी गिरफ्त से बाहर, पुलिस का...

हापुड़: जनपद में पत्रकार नसीम अहमद हत्याकांड को 12 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन मुख्य फरार आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से कोसों दूर हैं। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही स्थानीय पुलिस की कार्यशैली और सुस्त तफ्तीश पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। हालांकि पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को दबोचकर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया था, लेकिन इस जघन्य अपराध में शामिल अन्य संलिप्त अब भी कानून की पकड़ से बाहर हैं। इस ढिलाई के कारण न केवल पीड़ित परिवार में गहरा आक्रोश है, बल्कि पूरे पत्रकार जगत में भी भारी रोष व्याप्त है।

क्या है पूरा घटनाक्रम और कब हुई थी वारदात?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बीती 18 अक्टूबर की है। हापुड़ देहात थाना क्षेत्र के अंतर्गत जरौठी रोड पर स्थित गिरधारी नगर पीर के पास आटा मिल में पत्रकार नसीम अहमद आगामी दशहरे के विज्ञापन के सिलसिले में पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान कुछ दबंगों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। इस खौफनाक हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद नसीम अहमद की मौत हो गई थी। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हुए इस कातिलाना हमले ने पूरे प्रदेश के मीडियाकर्मियों को झकझोर कर रख दिया था।

प्रशासनिक लापरवाही और संगठनों का कड़ा रुख

घटना के विरोध में 23 अक्टूबर को 'ग्रामीण अंचलीय पत्रकार एसोसिएशन भारत' की हापुड़ इकाई ने जिलाध्यक्ष चंदन सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा था। पत्रकारों ने मांग की थी कि सभी नामजद व अज्ञात आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, पीड़ित परिवार को पांच करोड़ रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए, तथा मृतक की बेटी की शादी का खर्च सरकार उठाए। इसके साथ ही, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों के अवैध ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई थी। ज्ञापन की प्रतियां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मेरठ मंडल के आयुक्त को भी भेजी गई थीं।

कानून के रखवालों पर सांठ-गांठ के गंभीर आरोप

आर के शर्मा के खोजी सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि कुछ प्रभावशाली लोग आपसी सांठ-गांठ के जरिए फरार आरोपियों को बचाने और इस संवेदनशील मुकदमे को कमजोर करने की फिराक में हैं। यही वजह है कि 12 दिन गुजर जाने के बावजूद पुलिस के हाथ खाली हैं। अब ग्रामीण अंचलीय पत्रकार एसोसिएशन ने आर-पार की लड़ाई का मन बनाते हुए डीआईजी कलानिधि नैथानी से मुलाकात करने का बड़ा निर्णय लिया है। संगठन का साफ कहना है कि यदि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान पंडित मुरलीधर शर्मा, मोहम्मद हाशिम, हामिद खान,पीतम सिंह,जितेंद्र तेजबीर सागर, राजेन्द्र गुलफाम सैफी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।  

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