सिंभावली शुगर फैक्ट्री बंद होने की आशंका, संकट में हजारों परिवार
सिंभावली शुगर फैक्ट्री के बंद होने की अटकलों से सहमे हजारों परिवार
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले की सिंभावली शुगर फैक्ट्री के संचालन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इस औद्योगिक इकाई के बंद होने की आशंका से क्षेत्र के किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों की नींद उड़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह प्रतिष्ठान बंद हुआ, तो हजारों परिवारों के सामने गंभीर आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए किसान मजदूर यूनियन ने कड़ा रुख अपनाया है और सरकार से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।
अर्थव्यवस्था की रीढ़ है 1933 में स्थापित यह मिल
खोजी पड़ताल और ऐतिहासिक आंकड़ों के मुताबिक, सिंभावली शुगर फैक्ट्री की स्थापना वर्ष 1933 में हुई थी। तब इस इलाके में सिर्फ जंगल हुआ करता था। मिल की स्थापना के बाद से इस क्षेत्र की तस्वीर बदल गई और यहाँ की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली। किसान मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष नेताजी छोटे खां ने बताया कि इस चीनी मिल ने केवल गन्ने की पेराई का काम नहीं किया, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी विकास की नींव रखी है। मिल के बंद होने से क्षेत्र में बेरोजगारी का दानव विकराल रूप ले सकता है।
वित्तीय आंकड़े और बकाया भुगतान का सच
फैक्ट्री के आईआरपी अनुराग गोयल के कार्यकाल के दौरान वित्तीय लेनदेन के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इस समयावधि में कुल 1111 करोड़ 29 लाख रुपये का गन्ना खरीदा गया, जबकि पुराने बकाए समेत कुल 1285 करोड़ 90 लाख रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किसानों को किया गया। इसके अलावा, हाल ہی में किसानों को 12 करोड़ 50 लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान भी जारी किया गया है, जो इसकी उपयोगिता और क्षेत्र में इसकी प्रासंगिकता को साबित करता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लगाई गई गुहार
किसान नेता छोटे खां ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गन्ना विभाग के अधिकारियों से प्रत्यक्ष अपील की है कि सिंभावली के साथ-साथ चिलवरिया और हापुड़ की बृजनाथपुर शुगर फैक्ट्री को भी किसी भी कीमत पर बंद न होने दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासनिक और राजनीतिक कदम नहीं उठाए गए, तो किसान अपनी उपज बेचने के लिए मजबूर हो जाएंगे और पूरा क्षेत्र गहरी आर्थिक मंदी की चपेट में आ जाएगा। 'ट्रेंड्स न्यूज इस संवेदनशील मामले पर पैनी नजर बनाए हुए है।
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