गुना में नरवाई जलाने पर प्रशासन सख्त, किसानों पर लगा जुर्माना
गुना प्रशासन की सख्त कार्रवाई: नरवाई जलाने पर किसानों को भरना पड़ा जुर्माना
गुना: जिला कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन ने जिले में खेतों में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने वाले अन्नदाताओं के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में हाल ही में तहसील बमोरी के अंतर्गत आने वाले ग्राम बनेह में एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जहाँ निरीक्षण के दौरान खेतों में धधकती नरवाई पकड़ी गई। इस गंभीर लापरवाही पर त्वरित एक्शन लेते हुए स्थानीय प्रशासन ने मौके पर ही कार्रवाई को अंजाम दिया।
ग्राम बनेह में की गई औचक कार्रवाई
खोजी पड़ताल और प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ग्राम बनेह में खेतों में आग लगाकर नरवाई जलाई जा रही थी। इस अवैध कृत्य के पकड़े जाने पर राजस्व विभाग की टीम ने कृषक नन्नू लाल पुत्र लाला राम धाकड़ और विजय पुत्र नन्नू लाल धाकड़ को दोषी पाया। प्रशासनिक नियमों की अवहेलना करने पर दोनों किसानों के विरुद्ध ₹2,500-₹2,500 यानी कुल ₹5,000 की अर्थदंड राशि का आधिकारिक पंचनामा तैयार किया गया। इस पूरी कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य किसानों में भी हड़कंप मच गया है।
मौके पर मौजूद रहा राजस्व अमला
इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई को अंजाम देने के लिए भारी प्रशासनिक अमला मौके पर मुस्तैद रहा। बमोरी के तहसीलदार देवदत्त गोलिया के नेतृत्व में इस पूरी कार्रवाई को अमलीजामा पहनाया गया। उनके साथ राजस्व निरीक्षक कालूराम मीना और हल्का पटवारी योगेश खरे सहित पूरा राजस्व विभाग मौके पर उपस्थित रहा, जिन्होंने पूरी पारदर्शिता के साथ पंचनामा तैयार किया और मौके की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी भी सुनिश्चित की।
कलेक्टर की दो टूक: पर्यावरण से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
जिला कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए जिले के समस्त किसानों से पुरजोर अपील की है कि वे अपने खेतों में भूलकर भी नरवाई न जलाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि फसल अवशेषों को आग के हवाले करने से न केवल जहरीला धुआं फैलता है जिससे गंभीर वायु प्रदूषण होता है, बल्कि मिट्टी की उपजाऊ शक्ति यानी उर्वरता भी हमेशा के लिए नष्ट हो जाती है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इस तरह के मामले दोबारा सामने आए, तो और भी कठोर कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
TrendsNews.iN निष्पक्ष, तथ्यपरक और स्वतंत्र पत्रकारिता के सिद्धांतों का पालन करता है। हमारी टीम खबरों की सत्यता की पुष्टि के बाद ही प्रकाशन करती है। प्रकाशित समाचार की सम्पूर्ण जिम्मेदारी सम्बंधित पत्रकार की होगी, पोर्टल जिम्मेदार नही होगा।